Thursday, October 14, 2021

फेक्ट- ऑखे कोल देगा !

    प्रति वर्ष दशहरे के ठीक 21 दिन बाद ही दीपावली क्यों आती है ? 
          क्या कभी आपने इस पर विचार किया है। 
           विश्वास न हो तो कैलेंडर देख लीजिएगा।

             रामायण में वाल्मिकी महाराज ने लिखा है कि प्रभु श्री राम को अपनी पूरी सेना को श्रीलंका से अयोध्या तक पैदल चलकर आने में  504 घंटे लगे!!!!

    अब हम 504 घंटे को 24 घंटे से भाग दें तो उत्तर 21  आता है यानी इक्कीस दिन !!! 

मुझे भी आश्चर्य हुआ । कुछ भी बताया है यह सोचकर कौतूहल वश गूगल मैप पर सर्च किया।

        उसमें दर्शाता है कि श्रीलंका से अयोध्या की पैदल दूरी 3145 किलोमीटर और लगने वाला समय 504 घंटे।।। 

 .  है न आश्चर्यजनक बात......
          वर्तमान समय में गूगल मैप को पूरी तरह विश्वनीय माना जाता है। 
      
             लेकिन हम भारतीयों का दशहरा और दीपावली त्रेतायुग से चली आ रही है, और परम्परानुसार मनाते आ रहे हैं।समय के इस गणित पर आपको विश्वास न हो रहा हो तो गूगल सर्च कर देख सकते हैं, औरों को भी दीजिए यह रोचक जानकारी।

 भगवान वाल्मिकी ऋषि ने तो रामायण की रचना श्रीराम के जन्म से पहले ही कर दी थी।!!! उनका भविष्यवाणी और आगे घटने वाली घटनाओं का वर्णन कितना सटीक था। 

हालांकि कुछ मतों के अनुसार यह भी माना जाता है कि भगवान श्रीराम लंका से पुष्पक विमान से लौटे थे... लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की भारत में अयोध्या से श्रीलंका के बीच की दूरी का आज से हजारों वर्ष पूर्व कितना सटीक अनुमान लगाया गया था....

      अपनी सनातन हिन्दू संस्कृति कितनी महान है, हमें गर्व है ऐसी महान हिन्दू संस्कृति में जन्म लेने पर।

            
     जय सिया राम जी 🙏

राम की विजय कि आप सबको बधाई !



!! मंगल भवन अमंगल हारी,
द्रवहु सो दशरथ अजर बिहारी !!




अधर्म पर धर्म की, बुराई पर अच्छाई की,
अन्याय पर न्याय की, असत्य पर सत्य की,अज्ञान पर ज्ञान की व अत्याचार पर सदाचार की विजय के प्रतीक विजय दशमी दशहरा के पावन पर्व  की आपको सपरिवार हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

!! जय श्री राम !!

Ramayan's lesson !!

राम तुम्हारी आत्मा है

 सीता तुम्हारा हृदय है

 रावण तुम्हारा मन है जो तुम्हारी आत्मा से तुम्हारा हृदय चुरा लेता है

 लक्ष्मण हैं तुम्हारी चेतना, जो सदा तुम्हारे साथ है और तुम्हारी ओर से कर्म करती है

 हनुमान आपका अंतर्ज्ञान और साहस है जो आपकी आत्मा को फिर से चेतन करने के लिए आपके दिल को पुनः प्राप्त करने में मदद करता है

 यही है रामायण

Wednesday, October 13, 2021

BEHAVIOR

“Human behaviour flows from three main sources: desire, emotion, and knowledge”

if you mix the source, you get cocktail only 

If you understand this principle, you can understand anyone.

Friday, October 8, 2021

भगवान कैसे साथ देते हैं ?

द्रौपदी के स्वयंवर में जाते समय "श्री कृष्ण" ने अर्जुन को समझाते हुए कहते हैं कि

"हे पार्थ !! तराजू पर पैर संभालकर रखना, संतुलन बराबर रखना, लक्ष्य मछली की आँख पर ही केंद्रित हो, उसका विशेष ध्यान रखना"।

तो अर्जुन ने कहा - "हे प्रभु" सबकुछ यदि मुझे ही करना है, तो फिर आप क्या करोगे ?

श्री कृष्ण हँसते हुए बोले - हे पार्थ !! जो आप से नहीं होगा वह में करुँगा।

अर्जुन ने कहा - प्रभु ऐसा क्या है जो मैं नहीं कर सकता ?

श्री कृष्ण फिर हंसे और बोले - जिस अस्थिर, विचलित, हिलते हुए जल में तुम मछली का लक्ष्य साधोगे, उस विचलित "पानी" को स्थिर "मैं" रखुँगा।

कहने का तात्पर्य यह है कि आप चाहे कितने ही निपुण क्यूँ ना हो, कितने ही बुद्धिमान क्यूँ ना हो, कितने ही महान एवं विवेकपूर्ण क्यूँ ना हो किन्तु आप स्वंय हरेक परिस्थिति के उपर पूर्ण नियंत्रण नहीं रख सकते; आप केवल अपना प्रयास कर सकते हैं, परन्तु उसकी भी एक सीमा है और जो उस सीमा से आगे की बागडोर संभालता है, उसी का नाम "भगवान" है।

जय श्री कृष्ण